Gaya Pind DaanGaya Pind Daan
Hands offering a pind of rice with rose petals and kush grass beside the sacred water at Gaya, with brass kalash and a lit diya

पिंडदान · गया

गया पिंडदान

गयाजी में अपने पूर्वजों की यात्रा पूरी कीजिए।

₹5,100 सेशास्त्रोक्त पूजा, सम्पूर्ण सामग्री एवं दक्षिणा · कोई छुपा खर्च नहींपूजा व खर्च देखें कॉल करें

गया में पिंडदान अपने पितरों की शांति और उनकी मोक्ष की यात्रा के लिए किया जाने वाला पवित्र कर्म माना जाता है। मान्यता है कि यह कर्म तभी पूर्ण होता है जब यह शास्त्रों में वर्णित विधि और क्रम के अनुसार किया जाए।

आपकी पूजा वेदज्ञ एवं शास्त्रपारंगत तीर्थ पुरोहित (पंडाजी) द्वारा कराई जाती है। आवश्यक सामग्री की व्यवस्था, सही क्रम में विधि का मार्गदर्शन, और ठहराव, स्थानीय वाहन व दर्शन जैसी सहायता आपके परिवार की आवश्यकता के अनुसार उपलब्ध कराई जाती है।

यहाँ उद्देश्य श्रद्धा है, व्यापार नहीं। पहले हमसे बात कीजिए, विधि और व्यवस्था स्पष्ट समझिए, फिर अपने परिवार की आवश्यकता के अनुसार निर्णय लीजिए।

तीर्थ पुरोहित (पंडाजी)
सम्पूर्ण सामग्री
ठहराव · स्थानीय वाहन

हम जो पूजाएँ कराते हैं

सही पूजा का चयन सबसे महत्वपूर्ण है। हम शास्त्रों के अनुसार आपका मार्गदर्शन करेंगे।

अपने परिवार की परंपरा और परिस्थिति के अनुसार विधि चुनें।

सबसे लोकप्रिय

गया श्राद्ध / पिंडदान

₹5,100प्रति परिवार

सामग्री एवं दक्षिणा सहित

5रेटिंग · Google

तीन स्थल — फल्गु, विष्णुपद और अक्षय वट, तीनों 200 मीटर के भीतर

  • अनुभवी गयावाल तीर्थ पुरोहित
  • गोत्र और पितरों के नाम से संकल्प
  • आने से पहले फोन पर मार्गदर्शन
  • गया में पूरे समय साथ

आवश्यकता हो तो व्यवस्था: गाड़ी · ठहरना · लाना-छोड़ना

विशेष परिस्थिति के लिए

नहीं पता कौन-सी विधि सही है?

हमें अपनी परिस्थिति बताइए — गया पंडाजी सही विधि की पुष्टि करेंगे। मार्गदर्शन निःशुल्क, कोई बाध्यता नहीं।

कॉल करें — मार्गदर्शन लें

हर दाम में शास्त्रोक्त पूजा, सम्पूर्ण सामग्री एवं दक्षिणा — कोई छुपा खर्च नहीं। पूजा शास्त्र के अनुसार, पूरी विधि से होती है।

जो मूल्य बताया जाता है वही देना होता है — बाद में कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं।

यहीं से आरंभ कीजिए

कोई भी सवाल हो? हम समझाने के लिए यहाँ हैं

आप अपने माता-पिता के लिए यह एक बार करेंगे। इसलिए पूरी विधि होनी चाहिए — आधी-अधूरी नहीं। हम आपके सामने, आपको समझाते हुए, हर क्रिया शास्त्रों के अनुसार कराते हैं। खर्च पहले बता दिया जाता है। पहले बात कीजिए, फिर तय कीजिए।

श्राद्ध केवल श्रद्धा का विषय नहीं।

यदि विधि शास्त्रों के अनुसार न हो, तो श्राद्ध पूर्ण नहीं होता। सच्ची श्रद्धा भी निष्फल रह जाती है।

लिखना चाहें?अपनी जानकारी भेजेंसुविधा हो तभी यह फॉर्म खोलें। शुरुआत के लिए कॉल या व्हाट्सएप पर्याप्त है।
आपको क्या चाहिए? (ज़रूरी नहीं — केवल जो चाहिए चुनिए)

अभी किसी भुगतान की बात नहीं। पहले हम आपसे बात कर आपकी भावना समझेंगे।

कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं

हर बुकिंग के साथ — निःशुल्क

ये सब आपकी पूजा के साथ ही — इनका कोई अलग शुल्क नहीं।

  • फोन पर मार्गदर्शननिःशुल्ककुछ भी देने से पहले, सही विधि चुनने में हम आपकी सहायता करते हैं।
  • ठहरने की व्यवस्था में सहायतानिःशुल्कघाटों के पास, आपके बजट के अनुसार — आवश्यकता हो तो व्यवस्था करा देते हैं।
  • पूजा के दौरान स्थानीय सहायतानिःशुल्कगया में पूरी विधि के समय एक व्यक्ति आपके साथ।
  • सामग्री की सूची, पहले सेनिःशुल्कघर से क्या लाना है — नारियल, सुपारी, जनेऊ, हल्दी और शेष सब।
  • घर से पूजा आमंत्रण विधिनिःशुल्कगया आने से पहले पितरों के आवाहन का संकल्प।
  • निर्णय से पहले लिखित विवरणनिःशुल्कपूरी योजना और खर्च लिखित में — बाद में कुछ जोड़ा नहीं जाता।
  • रद्द करने पर पूरा पैसा वापस — अंतिम समय पर भीनिःशुल्कपूजा के लिए जो भी दिया है, पूरा लौट आता है, चाहे जब रद्द करें — एक दिन पहले, या उसी सुबह। केवल आपके लिए बुक किया गया होटल, होटल के नियम से चलता है।

हमारे गया पंडा

जो आपकी विधि संपन्न कराते हैं

गया के प्रमाणित गयावाल पंडा, जो शास्त्रोक्त विधि से आपका पिंडदान एवं श्राद्ध कराते हैं।

पीढ़ियों से 1 लाख+ परिवारों की सेवा
  1. 01

    अपनी बात हमें कहिए

    किसके निमित्त पिंडदान करना है और कब आना चाहते हैं — बस इतना बता दीजिए। आगे की हर चिंता हम पर छोड़ दीजिए।

  2. 02

    जो चाहिए, वही चुनिए

    पंडाजी और सामग्री पूजा के लिए रखी जाती है; स्थानीय वाहन और ठहराव केवल आपकी जरूरत पर जोड़े जाते हैं।

  3. 03

    गया स्पष्ट योजना के साथ पहुँचिए

    गया में वाहन चाहिए तो हम पहले से तय कर देते हैं। नहीं चाहिए तो पूजा की व्यवस्था सरल रखी जाती है।

  4. 04

    मन स्थिर कर, श्राद्ध कीजिए

    तीर्थ पुरोहित (पंडाजी) पूरी विधि शांत भाव से, शास्त्रों के अनुसार कराते हैं — आप बस अपने पूर्वजों के साथ रहिए।

जो चाहिए, बताइए

परिवार को जितनी सहायता चाहिए, उतनी ही चुनिए

तीर्थ पुरोहित (पंडाजी)

गया के विश्वसनीय पंडित, जो विधि और क्रम शास्त्रों के अनुसार कराएँ।

पूर्ण सामग्री, पहले से तैयार

पूजा की हर वस्तु आपके आने से पहले तैयार मिलती है।

ठहराव, जरूरत हो तो

घाटों के पास परिवार के योग्य कमरा आपके बजट में देखा जा सकता है।

स्थानीय वाहन, जरूरत हो तो

पूजा-स्थलों के बीच वाहन जितने दिन चाहिए, उतने दिन जोड़ा जा सकता है।

स्थानीय सहायता, जरूरत हो तो

यात्रा के दौरान समन्वय के लिए हमारा साथी उपलब्ध रह सकता है।

अनुष्ठान अनुसार

अपने परिवार हेतु हर अनुष्ठान समझिए

हर अनुष्ठान तीर्थ पुरोहित (पंडाजी) द्वारा, शास्त्रों के अनुसार पूर्ण रूप से सम्पन्न होता है। अपने परिवार की भावना बताइए, हम स्नेह से उपयुक्त अनुष्ठान की ओर मार्गदर्शन करेंगे।

ॐ

यहाँ हर विधि का एक ही उद्देश्य है — जिन्होंने हमें सब कुछ दिया, उनका ऋण, पितृ ऋण, चुकाने में आपके परिवार की सहायता करना।

खर्च इस पर निर्भर करता है कि कौन-सी विधि है और आपके परिवार को क्या चाहिए — हम कॉल पर सब कुछ साथ मिलकर तय करेंगे, कोई छिपा शुल्क नहीं। (पिंडदान आमतौर पर लगभग ₹5,100 से आरंभ होता है।)

हर अनुष्ठान में सम्मिलित

  • विष्णुपद मंदिर व फल्गु घाट पर पिंडदान
  • तीर्थ पुरोहित (पंडाजी)
  • पूर्ण सामग्री — पिंड-सामग्री, तिल, कुश, पुष्प, घी, धूप
  • आपके परिवार का नाम, गोत्र व पूर्वजों के नाम सहित संकल्प
  • विधि के हर चरण में मार्गदर्शन
  • अनुष्ठान से पूर्व सहज बातचीत

ये भी, आपकी इच्छानुसार, हम व्यवस्था करते हैं

  • गया तक की यात्रा
  • ठहरने की व्यवस्था
  • स्थानीय वाहन सहायता, जरूरत हो तो
  • ब्राह्मण भोज व गौ दान
  • अनुष्ठान की फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी

कौन-सा अनुष्ठान चाहिए, निश्चित हैं?बस हमसे पूछिए — हम शांति से आपके पुरोहित और हर चरण की पुष्टि करेंगे। अभी कोई भुगतान नहीं।निश्चित नहीं? हमें कॉल कीजिए, हम आपके परिवार की आवश्यकता के अनुसार मार्गदर्शन करेंगे।

+91 77177 85996
ॐ

श्राद्ध केवल श्रद्धा का विषय नहीं

यह विधि का भी विषय है — और यदि विधि शास्त्रों के अनुसार न हो, तो सच्ची श्रद्धा भी निष्फल रह जाती है।

श्राद्ध में श्रद्धा के साथ विधि का भी महत्त्व है। गया के गयावाल तीर्थ पुरोहित हर चरण समझाते हुए परिवार को शास्त्रोक्त क्रम में कर्म कराते हैं। वायु पुरोहित, सामग्री और आवश्यक व्यवस्था का ध्यान रखता है, ताकि आप शांत मन से पितृकर्म कर सकें।

यह क्यों आवश्यक है

एक ऋण, जो किसी को नहीं छोड़ता

मृत्यु एक अटल सत्य है — पर यह अंत नहीं। जीवन एक प्रवाह है, और आप उसी अनंत शृंखला की एक कड़ी।

A soul walking a radiant stone path toward a temple among the clouds — the journey toward moksha

पितृ ऋण

जिन्होंने हमें सब कुछ दिया, उनकी आत्मा की यात्रा उनके जाने के बाद भी अधूरी रह जाती है — मोक्ष की ओर। उसे पूरा कराना, यही हम पर उनका ऋण है।

Mata Sita offering pind daan at Gaya at sunset as King Dashrath's soul reaches out, a temple in the distance

गया की भूमि

गया वही भूमि है जहाँ राजा दशरथ की आत्मा ने स्वयं पिंडदान की पुकार की — और माता सीता ने इसी भूमि की रेत से वह पिंडदान पूरा किया। जब स्वयं मर्यादा पुरुषोत्तम इस ऋण से न बच सके, तो हम इससे कैसे अछूते रहें?

The Falgu river at Gaya — a wide sandbed at sunset with a thin winding channel of water, the antah-salila that flows within

फल्गु नदी

यहीं बहती है फल्गु — अंतःसलिला। ऊपर केवल रेत, पर भीतर अनवरत जल। जो हमें छोड़ गए, वे भी ऐसे ही हैं — मृत्यु ने उन्हें मिटाया नहीं; वे हमारे भीतर हैं।

A hand offering a pind of rice with sesame, rose petal and kush grass as ancestors take form from the mist by the river

पिंड का उद्देश्य

चावल, जौ और तिल से बना वह पिंड कोई साधारण अर्पण नहीं — वह प्रतीक है उस देह का, जो अब शेष नहीं। पिंड अर्पित कर हम उन्हें वह काया लौटाते हैं, और वह बल जिससे उनकी मोक्ष की यात्रा पूर्ण हो सके।

ॐ

पर शांति उसी को मिलती है जो स्थिर हो। श्राद्ध केवल श्रद्धा नहीं — एक विधि भी है; हर मंत्र, हर क्रिया, सही क्रम में, शांत चित्त से। यह विधि गया के तीर्थ पुरोहित (पंडाजी) और पंडित पूर्ण शुद्धता से जानते हैं। कर्म आपका — व्यवस्था वायु की।

यहाँ श्रद्धा है — व्यापार नहीं।

गया के पवित्र स्थल

गया में पिंडदान के मुख्य स्थल

विष्णुपद मंदिर

गया का प्रमुख मंदिर, जहाँ भगवान विष्णु ने असुर गयासुर को स्थिर करने के लिए शिला पर अपने चरण अंकित किए। गया में लगभग हर पिंडदान यहीं, प्रभु के चरणों में आरंभ होता है।

अक्षय वट

अक्षय, सदा जीवित वट वृक्ष, जिसे स्वयं माता सीता का आशीर्वाद प्राप्त है। जब तक अक्षय वट के नीचे अंतिम सुफल न लिया जाए, गया का पिंडदान अधूरा माना जाता है — यहीं भगवान राम ने भी राजा दशरथ के लिए पिंड अर्पित किया था।

फल्गु नदी

गया की पवित्र नदी, माता सीता के पितृ-अर्पण से जुड़ी हुई। फल्गु पर तर्पण से विधि आरंभ होती है, जो जल और तिल पितरों तक पहुँचाती है।

प्रेत शिला

गया के ऊपर स्थित एक पवित्र पहाड़ी, उन आत्माओं के लिए जिन्होंने संसार को अस्वाभाविक रूप से छोड़ा — दुर्घटना में, या असमय। यहाँ पिंडदान मृतक को प्रेत-योनि से मुक्त कर मोक्ष के मार्ग पर ले जाता है।

गया की कथा

गया की कथा — वायु पुराण से

वायु पुराण बताता है कि महान असुर गयासुर ने ऐसी घोर तपस्या की कि उसका शरीर ही पवित्र हो गया — इतना पवित्र कि जो उसे छू ले या उस पर प्राण त्यागे, उसे तत्क्षण मोक्ष मिल जाए। स्वर्ग भरने लगा, नरक रिक्त हुआ, और लोकों की व्यवस्था डगमगा गई।

उस व्यवस्था को पुनः स्थापित करने के लिए देवताओं ने गयासुर से उसका शरीर एक महान यज्ञ की भूमि के रूप में माँगा। वह मान गया और उस भूमि पर लेट गया जिसे आज गया कहते हैं। जब उसका शरीर फिर भी काँपने लगा, तब भगवान विष्णु ने एक शिला पर अपना चरण रखकर उसे स्थिर किया — वही चरण-चिह्न जिस पर आज विष्णुपद मंदिर बना है।

बदले में गयासुर ने वर माँगा: कि यह भूमि श्राद्ध और पिंडदान के लिए पृथ्वी का सर्वोच्च स्थान बने, जहाँ जीवितों का अर्पण मृतकों को मुक्ति दे। विष्णु ने वह वर दिया — और इसी से गया माहात्म्य वचन देता है कि यहाँ का पिंडदान पीढ़ियों को तार देता है।

यही गया माहात्म्य वायु पुराण में संचित है — और उसी 'वायु' से वायु पिंडदान अपना नाम और अपना उद्देश्य पाता है।

परिवार अक्सर यही पूछते हैं

सवाल-जवाब

गया में पिंडदान के पैकेज में क्या-क्या शामिल है?

चुने हुए पैकेज में विधि के अनुसार पूजा, पूरी सामग्री और पुरोहित जी की दक्षिणा शामिल हैं। बुकिंग से पहले हम बताते हैं कि किन स्थानों पर कर्म होगा और पैकेज में गाड़ी की कौन-सी व्यवस्था शामिल है। ठहरने, अतिरिक्त यात्रा और वैकल्पिक दान का खर्च अलग से बताया जाता है।

गया में पिंडदान में कितना समय लगता है?

तीन प्रमुख स्थानों का गया श्राद्ध प्रायः एक सुबह में पूरा हो जाता है। चार स्थानों की विधि में प्रेतशिला भी शामिल है, इसलिए अधिक समय लगता है। 45 वेदियों का श्राद्ध तीन दिन और वृहद गया श्राद्ध सत्रह दिन का होता है। बुकिंग से पहले अपनी यात्रा की तारीखें बताएँ, ताकि चुनी हुई विधि के लिए आवश्यक समय तय हो सके।

हमारा पिंडदान कौन-से पंडित कराएँगे और बुकिंग कैसे करें?

यहाँ परिचय दिए गए ग्यारह गयावाल पुरोहितों में से एक आपका कर्म कराते हैं। यात्रा की तारीखें और पसंदीदा पंडित जी का नाम, यदि कोई हो, वायु की बुकिंग टीम को बताएँ। आने से पहले उनकी उपलब्धता और कर्म कराने वाले पुरोहित की पुष्टि कर दी जाएगी।

हम पहले कभी गया नहीं गए — क्या आप आरंभ से अंत तक साथ देंगे?

जी हाँ। यह सेवा पहली बार गया आने वाले परिवारों के लिए है। हम पंडाजी और सामग्री की व्यवस्था करते हैं, कौन-से स्थल किस क्रम में करने हैं यह समझाते हैं, और स्थानीय वाहन या ठहराव केवल आपकी जरूरत पर जोड़ते हैं।

क्या पूछने के लिए कोई शुल्क है?

नहीं। पूछना या बात करना पूर्णतः निःशुल्क है, कोई बंधन नहीं। खर्च की बात तभी होगी जब आप पूरा विवरण देखकर आगे बढ़ना चाहें — उससे पहले कभी नहीं।

पंडाजी का चयन कैसे होता है?

गया की पूजा परंपरा में तीर्थ पुरोहित (पंडाजी) विधि और क्रम को जानते हैं। हम केवल उन्हीं विश्वसनीय पंडितों के साथ कार्य करते हैं जो पूरी विधि धैर्य और शास्त्रों के अनुसार कराते हैं। आपको कभी किसी अनजान के हाथ नहीं सौंपा जाता।

क्या पिंडदान केवल पितृपक्ष में होता है?

पितृपक्ष सर्वाधिक शुभ और व्यस्त समय है, पर पिंडदान और गया श्राद्ध वर्ष भर अन्य दिनों में भी सम्पन्न किए जा सकते हैं। आप अपनी तिथियाँ बताइए, हम उचित समय की सलाह देंगे।

यदि घर का कोई सदस्य यात्रा न कर सके?

अनेक अवसरों पर परिवार की ओर से कोई निकट संबंधी श्राद्ध कर सकता है। आप अपनी स्थिति बता दीजिए, पंडाजी बताएँगे कि परंपरा में क्या संभव है।

वायु के साथ इसका खर्च कितना है?

हमारे पूजा पैकेज का मूल्य प्रति परिवार है। कुल खर्च चुनी हुई विधि और आपके अनुरोध पर की जाने वाली रहने, गाड़ी या अन्य व्यवस्थाओं पर निर्भर करता है। बुकिंग से पहले सभी मदों का खर्च जानने के लिए हमसे बात करें। पूछताछ के लिए कोई भुगतान नहीं करना होता।

अगर हमें रद्द करना पड़े तो?

पूजा के लिए जो भी दिया है, पूरा वापस — चाहे जब रद्द करें, एक दिन पहले या पूजा की सुबह भी। कोई कटौती नहीं, कोई सवाल नहीं। जो परिवार आ नहीं पाया, उसका पैसा भी नहीं जाना चाहिए। एक ही अपवाद — आपके लिए बुक किया गया होटल, जो होटल के अपने नियम से चलता है।

अपने पूर्वजों को एक शांत विदाई

कर्म आपका — व्यवस्था वायु की।

+91 77177 85996WhatsApp
गया पिंडदान (Gaya Pind Daan) — तीर्थ पुरोहित, सामग्री और पूरी व्यवस्था