सम्पूर्ण 3 दिन का गया श्राद्ध - सभी 45 वेदियाँ

सम्पूर्ण विधि

तीन दिवसीय गया श्राद्ध - सभी 45 वेदियों पर पिंडदान

फल्गु से शुरू होने वाला यह तीन दिन का गया श्राद्ध सभी 45 वेदियों को समेटता है। पुनपुन से शुरू होने वाले सत्रह दिन के कार्यक्रम की तुलना में प्रतिदिन अधिक वेदियों पर कर्म होता है।

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4,100+पूजाएँ संपन्न

1,00,000+परिवारों की सेवाहमारे तीर्थ पुरोहितों द्वारा

मूल्य - शास्त्रोक्त पूजा, सम्पूर्ण सामग्री एवं दक्षिणा

सामग्री एवं दक्षिणा सहित

पूजा का पूरा खर्च पहले ही बताया जाता है
  • सम्पूर्ण 3 दिन का गया श्राद्ध - सभी 45 वेदियाँफल्गु से शुरुआत · 3 दिन · सभी 45 वेदियाँपूरी जानकारी देखें₹25,000प्रति परिवार
  • अनुभवी गयावाल तीर्थ पुरोहित
  • गोत्र एवं पितरों के नाम से संकल्प
  • आने से पहले फोन पर मार्गदर्शन
  • पूजा के दौरान स्थानीय सहयोग

अनुमानित समय - पूरे 3 दिन की विधि

परिवारों के अपने अनुभव

आपके परिवार की परंपरा के अनुसार उचित पूजा की जानकारी दी जाती है - सही चुनाव के लिए कॉल करें।

वैकल्पिक

  • गया तक की यात्रा
  • ठहरना और भोजन
  • स्थानीय गाड़ी, पिकअप और ड्रॉप
  • ब्राह्मण भोज
  • गौ दान और शैय्या दान
  • अपनी इच्छा से दिया दान या भेंट

पूजा का क्रम: शुरुआत से समापन तक

  1. शुरुआतफल्गु से आरंभसंकल्प, तर्पण और पिंडदान।
  2. पंडाजी के साथ तय दैनिक क्रम के अनुसार तीन दिनों में 45 वेदियों की विधि।
  3. समापनअक्षय वट पर अंतिम अर्पण और सुफल के साथ समापन।

पूजा के लिए पूरे तीन दिन रखें। बुकिंग से पहले पंडाजी परिवार के साथ प्रतिदिन की वेदियों का क्रम तय करते हैं।

गाड़ी, पिकअप या ड्रॉप शुल्क में शामिल नहीं है। आवश्यकता होने पर इसकी व्यवस्था और खर्च अलग से बताया जाता है।

गया के फल्गु घाट पर यजमान के साथ पंडित किशोर कुमार गुर्दा
गया के फल्गु घाट पर यजमान के साथ पंडित किशोर कुमार गुर्दा
विष्णुपद मंदिर, गया
विष्णुपद मंदिर, गया
अक्षय वट, जहाँ सुफल के साथ गया श्राद्ध का समापन होता है
अक्षय वट, जहाँ सुफल के साथ गया श्राद्ध का समापन होता है

तीन दिन और सत्रह दिन के गया श्राद्ध में अंतर

तीन दिन और सत्रह दिन, दोनों गया श्राद्ध में सभी 45 वेदियाँ शामिल हैं। तीन दिन का कर्म फल्गु से शुरू होता है और प्रतिदिन अधिक वेदियों पर कर्म होता है। सत्रह दिन का कर्म पुनपुन में प्रवेश श्राद्ध से शुरू होता है; 45 वेदियों का क्रम अधिक दिनों में होने से प्रतिदिन कम वेदियों पर कर्म होता है। परिवार के उपलब्ध समय और प्रतिदिन के कार्यक्रम के अनुसार व्यवस्था चुनें।

तीन दिन में गया की 45 वेदियों पर श्राद्ध का क्रम

तीन दिनों में पंडाजी परिवार को फल्गु घाट से विष्णुपद चरण-चिह्न, अक्षय वट, प्रेत शिला और शेष हर वेदी तक उचित क्रम में ले जाते हैं - हर पड़ाव पर तर्पण, पिंड और संकल्प, ठीक जैसा विधि माँगती है।

45 वेदियों का श्राद्ध किन परिवारों के लिए है?

कई परिवार जीवन में एक बार गया आते हैं ताकि पितृ-ऋण पूर्ण रूप से चुका सकें। 45-वेदी श्राद्ध तब चुना जाता है जब परिवार कुछ भी अधूरा न छोड़ना चाहे - सम्पूर्ण शास्त्रोक्त क्रम, एक बार में, सभी पितरों के लिए।

पंडित, सामग्री और वेदियों के बीच यात्रा की व्यवस्था

पैकेज में तीन दिनों की पूजा के लिए गयावाल पंडाजी, पूरी सामग्री और विधि का मार्गदर्शन शामिल हैं। वेदियों के बीच आने-जाने की गाड़ी का खर्च अलग है। परिवार में किसी को चलने-फिरने में सहायता चाहिए तो बुकिंग के समय बताएँ।

गया में पिंडदान की तस्वीरें →

अपनी आवश्यकता बताएँ

पूजा शुल्क में शामिल सुविधाएँ

इसमें क्या शामिल है

  • सामग्री एवं दक्षिणा सहित
  • पूजा में बैठने के लिए आसन
  • शास्त्रोक्त पूजा, सम्पूर्ण सामग्री एवं दक्षिणा
  • गया की सभी 45 वेदियों पर पिंडदान
  • फल्गु · विष्णुपद · अक्षय वट · प्रेत शिला और हर निर्धारित वेदी
  • प्रतिदिन शास्त्रोक्त पूर्ण सामग्री
  • साथ आए बुज़ुर्गों की सहायता

गया की वंशानुगत गयावाल पुरोहित परंपरा

गयावाल पंडाजी गया के पारंपरिक तीर्थ पुरोहित हैं। इन परिवारों में पूजा की विधि और तीर्थयात्री परिवारों से जुड़ा पुरोहित का संबंध पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलता आया है। गया की इस पारिवारिक पुरोहित परंपरा का सदियों पुराना इतिहास शोध में भी दर्ज है।

गयावाल पुरोहित परंपरा का इतिहास: Tirthankar Roy · The Journal of Asian Studies

गयावाल पंडित द्वारा जाँची गई जानकारी पढ़ें

गया की 45 पिंडदान वेदियाँ: स्थान और पूजा का क्रम

लेख की जाँच पंडित ओमकार नाथ अग्निवार · जाँच की तिथि:

गया के पंडित

परिवार अक्सर यही पूछते हैं

सवाल-जवाब

तीन दिवसीय गया श्राद्ध का खर्च कितना है?

45 वेदियों की व्यवस्था ₹25,000 प्रति परिवार है। पुरोहित, सामग्री और दक्षिणा शामिल हैं। पूजा फल्गु से शुरू होती है और पूरे तीन दिन लगते हैं। बुकिंग से पहले ठहरने और गाड़ी की अलग व्यवस्था जान लें।

45 वेदियाँ क्या हैं?

वेदियाँ गया क्षेत्र में फैले पवित्र वेदी-स्थल हैं जहाँ पिंड अर्पित होता है। सम्पूर्ण श्राद्ध तीन दिनों में इन सभी के दर्शन करता है; छोटी विधि केवल मुख्य स्थलों को समेटती है।

क्या इसमें प्रेत शिला शामिल है?

हाँ। पूर्ण 45-वेदी मार्ग में प्रेत शिला और हर अन्य निर्धारित वेदी शामिल है, ताकि विधि सम्पूर्ण हो।

कितने दिन खाली रखें?

गया में तीन पूरे दिनों की योजना बनाएँ। पितृ पक्ष में भीड़ के लिए अतिरिक्त समय रखें।

क्या Vayu तीनों दिन ठहरने और गाड़ी की व्यवस्था कर सकता है?

हाँ। पंडाजी, सामग्री, वेदियों के बीच आवागमन और ठहरने की सहायता - सब समन्वित किया जा सकता है।

पूजा की जानकारी के लिए संपर्क करें

सम्पूर्ण 3 दिन का गया श्राद्ध - सभी 45 वेदियाँ - हमसे बात कीजिए

अपने परिवार और पहले किए गए श्राद्धकर्म की जानकारी दें। हम उपयुक्त विधि, तैयारी और पूजा में क्या शामिल है, यह समझाते हैं। बुकिंग से पहले व्यवस्था और खर्च की जानकारी लिखित में देते हैं।

लिखना चाहें?अपनी जानकारी भेजेंचाहें तो नीचे अपनी जानकारी भेज सकते हैं। आप सीधे फोन या व्हाट्सएप पर भी बात कर सकते हैं।

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