बरसी श्राद्ध

अनुष्ठान

गया में बरसी श्राद्ध

बरसी किसी दिवंगत परिजन का वार्षिक श्राद्ध है, जो उनकी मृत्यु की तिथि पर होता है। पहली बरसी मृत्यु के एक वर्ष बाद होती है; उसकी विधि परिवार की परंपरा और पहले किए गए संस्कारों के अनुसार तय होती है। गया में यह विष्णुपद के पास गयावाल पंडाजी कराते हैं, ₹21,000 प्रति परिवार, सामग्री और दक्षिणा सहित।

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4,100+पूजाएँ संपन्न

1,00,000+परिवारों की सेवाहमारे तीर्थ पुरोहितों द्वारा

मूल्य - शास्त्रोक्त पूजा, सम्पूर्ण सामग्री एवं दक्षिणा

सामग्री एवं दक्षिणा सहित

पूजा का पूरा खर्च पहले ही बताया जाता है
  • अनुभवी गयावाल तीर्थ पुरोहित
  • गोत्र एवं पितरों के नाम से संकल्प
  • आने से पहले फोन पर मार्गदर्शन
  • पूजा के दौरान स्थानीय सहयोग

आपके परिवार की परंपरा के अनुसार उचित पूजा की जानकारी दी जाती है - सही चुनाव के लिए कॉल करें।

वैकल्पिक

  • गया तक की यात्रा
  • ठहरना और भोजन
  • स्थानीय गाड़ी, पिकअप और ड्रॉप
  • ब्राह्मण भोज
  • गौ दान और शैय्या दान
  • अपनी इच्छा से दिया दान या भेंट

पूजा का क्रम: शुरुआत से समापन तक

  1. शुरुआतदिवंगत के नाम से संकल्प।
  2. विश्वेदेव स्थापना।
  3. दिवंगत परिजन के निमित्त पिंडदान।
  4. समापनपंडाजी के मार्गदर्शन में तर्पण और समापन।

आने से पहले पूजा का स्थान और समय बता दिया जाता है। पूजा तय स्थल पर होती है। अलग से पिंडदान कराना हो तो उसकी व्यवस्था पहले तय करें।

गाड़ी, पिकअप या ड्रॉप शुल्क में शामिल नहीं है। आवश्यकता होने पर इसकी व्यवस्था और खर्च अलग से बताया जाता है।

गया में पिंडदान - कुश पर अर्पित पिंड
गया में पिंडदान - कुश पर अर्पित पिंड
गया पिंडदान में तर्पण - तिल और कुश के साथ जल
गया पिंडदान में तर्पण - तिल और कुश के साथ जल

बरसी श्राद्ध क्या है?

बरसी या वार्षिक श्राद्ध हर वर्ष परिजन की मृत्यु की तिथि पर किया जाता है। पहली बरसी मृत्यु के एक वर्ष बाद होती है। सपिंडीकरण का समय अलग-अलग परंपराओं में अलग है, इसलिए पहले किए गए संस्कारों के अनुसार विधि तय की जाती है।

तिथि कैसे तय होती है

बरसी की तारीख अंग्रेज़ी कैलेंडर से नहीं, मृत्यु की तिथि से तय होती है। मृत्यु की तारीख बताइए, पंडाजी से तिथि और दिन हम पक्का कर देंगे।

बरसी की विधि

विष्णुपद के पास गयावाल पंडाजी पूरे विधि-विधान से बरसी कराते हैं: दिवंगत के नाम से संकल्प, विश्वेदेव स्थापना, पिंडदान और तर्पण।

बरसी और एकोद्दिष्ट

एकोद्दिष्ट किसी एक दिवंगत व्यक्ति के निमित्त श्राद्ध है; बरसी मृत्यु तिथि पर होने वाला वार्षिक श्राद्ध है। अवसर बताइए, कौन-सी विधि होगी यह पंडाजी बताएँगे।

गया में पिंडदान की तस्वीरें →

अपनी आवश्यकता बताएँ

पूजा शुल्क में शामिल सुविधाएँ

इसमें क्या शामिल है

  • सामग्री एवं दक्षिणा सहित
  • पूजा में बैठने के लिए आसन
  • विष्णुपद के पास गयावाल पंडाजी द्वारा बरसी की विधि
  • दिवंगत के नाम से संकल्प
  • विश्वेदेव स्थापना
  • पिंडदान और तर्पण
  • बुकिंग से पहले पंडाजी से तिथि और दिन की पुष्टि

गया की वंशानुगत गयावाल पुरोहित परंपरा

गयावाल पंडाजी गया के पारंपरिक तीर्थ पुरोहित हैं। इन परिवारों में पूजा की विधि और तीर्थयात्री परिवारों से जुड़ा पुरोहित का संबंध पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलता आया है। गया की इस पारिवारिक पुरोहित परंपरा का सदियों पुराना इतिहास शोध में भी दर्ज है।

गयावाल पुरोहित परंपरा का इतिहास: Tirthankar Roy · The Journal of Asian Studies

गया के पंडित

परिवार अक्सर यही पूछते हैं

सवाल-जवाब

गया में बरसी श्राद्ध का खर्च कितना है?

₹21,000 प्रति परिवार, जिसमें गयावाल पंडाजी, सामग्री और दक्षिणा शामिल हैं। ब्राह्मण भोजन शामिल नहीं है; कराना हो तो उसकी व्यवस्था अलग से होती है। कुल खर्च बुकिंग से पहले लिखित में मिलता है।

बरसी कब की जाती है?

हर वर्ष मृत्यु की तिथि पर। पहली बरसी मृत्यु के एक वर्ष बाद होती है। मृत्यु की तारीख बताइए, तिथि हम पक्की कर देंगे।

बरसी कहाँ होती है?

गया में विष्णुपद के पास, गयावाल पंडाजी के साथ। मिलने की जगह और समय आने से पहले बता दिया जाता है।

बरसी में कितना समय लगता है?

समय बुकिंग के समय पंडाजी से तय होता है।

क्या बरसी और एकोद्दिष्ट श्राद्ध एक ही हैं?

एकोद्दिष्ट किसी एक दिवंगत व्यक्ति के निमित्त श्राद्ध है, और बरसी मृत्यु तिथि पर होने वाला वार्षिक श्राद्ध। आपके अवसर के लिए कौन-सी विधि ठीक है, यह पंडाजी बताते हैं।

पूजा की जानकारी के लिए संपर्क करें

बरसी श्राद्ध - हमसे बात कीजिए

अपने परिवार और पहले किए गए श्राद्धकर्म की जानकारी दें। हम उपयुक्त विधि, तैयारी और पूजा में क्या शामिल है, यह समझाते हैं। बुकिंग से पहले व्यवस्था और खर्च की जानकारी लिखित में देते हैं।

लिखना चाहें?अपनी जानकारी भेजेंचाहें तो नीचे अपनी जानकारी भेज सकते हैं। आप सीधे फोन या व्हाट्सएप पर भी बात कर सकते हैं।

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